हिमाचल प्रदेश के 641 निजी बस ऑपरेटर और एचआरटीसी के 27 यूनिट स्टेट रोड टैक्स (एसआरटी) नहीं चुकाने पर डिफाल्टर बन गए हैं। नौ करोड़ निजी ऑपरेटरों और 220 करोड़ का एचआरटीसी पर एसआरटी बकाया है। साढ़े 46 हजार डिफाल्टरों ने 9359 लाख का टोकन टैक्स भी जमा नहीं करवाया है। प्रश्नकाल के दौरान विधायक होशियार सिंह के सवाल पर परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने यह जानकारी दी। कहा कि वर्ष 2020 में कोरोना संकट के चलते वसूली में कमी आई है। जल्द टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि स्टेट रोड और टोकन टैक्स की वसूली के लिए डिफाल्टरों को समय-समय पर नोटिस दिए गए। मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों से सभी टैक्स चुकाने वाली गाड़ियों को ही फिटनेस मंजूरी देने के लिए कहा है।
गाड़ियों से संबंधित किसी भी प्रकार की सुविधा देने से पहले विभाग वाहन सॉफ्टवेयर के माध्यम से बकाया टैक्स जांचता है। टैक्स जमा करवाने के लिए एसएमएस भेेजे जाते हैं। सोलन आरटीओ के तहत 33, नालागढ़ में 12, हमीरपुर 7, ऊना 27, कुल्लू 12, चंबा 54, बिलासपुर 38, नाहन 41, धर्मशाला 175, शिमला 71, रामपुर 18 और मंडी आरटीओ के तहत 153 निजी बस ऑपरेटरों ने नौ करोड़ का एसआरटी नहीं चुकाया है। एचआरटीसी के परवाणू, डीडब्ल्यू शिमला, लोकल, नाहन, रोहड़ू, रिकांगपिओ, रामपुर, ग्रामीण, सोलन, तारादेवी/नेरवा, करसोग, हमीरपुर, बिलासपुर, नालागढ़, देहरा, ऊना, धर्मशाला, बैजनाथ, चंबा, पठानकोट, पालमपुर, नगरोटा, मंडी, केलांग, कुल्लू, सरकाघाट और सुंदरनगर यूनिट पर 220 करोड़ का एसआरटी बकाया है।