जिला शिमला के कोटखाई की स्कूली छात्रा गुड़िया से दुष्कर्म और हत्या मामले के आरोपी नीलू के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की विशेष अदालत में 29 मई 2018 से लेकर चल रही गवाही की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। अब पांच नवंबर 2019 को आरोपी चिरानी नीलू को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। नीलू के खिलाफ हुई गवाही में अदालत में इस मामले से जुड़े कुल 55 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए।
एक साल से अधिक समय तक अदालत में चली गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया के बाद अब 11 नवंबर को नीलू को अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत आरोपी को अपने बचाव में गवाहों को पेश करने का मौका देगी । गवाहों के दर्ज किए बयानों के आधार पर उसे सवाल किए जाएंगे।
4 जुलाई 2017 को कोटखाई की एक स्कूली छात्रा अचानक स्कूल से लौटते समय गायब हो गई थी। छह जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में छात्रा बिना कपड़ों के मृत मिली थी। छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या किए जाने के इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को पकड़ा था।
इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ (राजू) हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42 गढ़वाल) सूरज सिंह (29) और लोकजन (छोटू)19 साल नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वाल कोटद्वार शामिल थे। पकड़े गए आरोपियों में सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 की रात को हत्या हो गई थी। आरोप है कि राजू की सूरज से बहस हुई और उसके बाद राजू ने उसकी हत्या कर दी। हालांकि, बाद में मामले में नया मोड़ आया था और उपरोक्त आरोपी जेल से रिहा हो गए थे।
सीबीआई ने पुलिस की जांच को बनी एसआईटी में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की टीम को सूरज की हिरासत में मौत के मामले में गिरफ्तार किया था। जिसका ट्रायल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ शिफ्ट कर दिया था।
गुड़िया प्रकरण में अप्रैल 2018 को नीलू को हिरासत में लिया था। उपरोक्त मामले में सीबीआई की ओर से 55 गवाहों के बयान सीबीआई की विशेष अदालत में दर्ज किए गए। अब आरोपी नीलू को 5 नवंबर को 2019 को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।