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वीरभद्र सरकार के मंत्री ने बांधे मोदी की तारीफों के पुल, कहा- थैंक्स

Sat, 29 Apr 2017 12:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का शिलान्यास करने के बाद तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने मोदी की तारीफों के पुल बांध दिए। बतौर, तकनीकी शिक्षा मंत्री उन्होंने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने पर प्रधानमंत्री का आभार जाताया। 
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हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में मोदी की रैली के बाद उन्हें सपने बेचने वाला करार दिया था। बाली ने स्पष्ट कहा कि वह यह प्रेस कांफ्रेंस एक मंत्री के तौर पर कर रहे हैं। जबकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की तरफ से जो बयान दिया है, वह इन कैपेसिटी आफ आर्गेनाइजेशन है। 

इसी सत्र से शुरू होंगी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की कक्षाएं 
हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर के सिविल और इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग विषय के पाठ्यक्रम इसी सत्र से शुरू होंगे। कॉलेज का अपना भवन बनने तक इनकी कक्षाएं सुंदरनगर या नगरोटा बगवां इंजीनियरिंग कॉलेज में लगेंगी। यह बात परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने शुक्रवार को कांगड़ा में पत्रकार वार्ता में कही। 
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कहा कि दोनों पाठ्यक्रमों में कुल 120 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। अगले वर्षों में कॉलेज में मेकेनिकल और कंप्यूटर साइंसेज के पाठ्यक्रम भी शुरू होंगे। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभार जताया। कहा कि इस कॉलेज के निर्माण पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

कॉलेज के लिए प्रदेश सरकार ने बिलासपुर के बंदला में 62.08 बीघा जमीन विभाग को उपलब्ध करवा दी है। उन्होंने अधिकारियों को कॉलेज भवन का निर्माण कार्य जल्द आरंभ करने को कहा है। बाली ने कहा कि इस कॉलेज के निर्माण के लिए एनटीपीसी एवं एनएचपीसी ने औद्योगिक भागीदारों के तौर पर 75 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अखिल भरतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया को गति देने के साथ हिमाचल तकनीकी विश्वविद्यालय से कॉलेज की संबद्धता की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने को कहा है। कांलेज की गवर्निंग बॉडी गठित कर ली गई है। गवर्निंग बॉडी में प्रदेश एवं केंद्र सरकार के चार-चार प्रतिनिधि शामिल हैं।

हिमाचल में फिर चलेंगी फिक्स किराये वाली बसें
प्रदेश सरकार हिमाचल में फिर से फिक्स किराये वाले बसें चलाने जा रही है। यह बसें शिमला, सोलन, धर्मशाला और मंडी जिले में चलेंगी। शहरों से चलने वाली इन बसों का किराया साधारण बसों की अपेक्षा 20 से 25 रुपये कम होगा। सरकार ने निगम प्रबंधन को सप्ताह के भीतर रूट फाइनल करने को कहा है। 

सरकार के इस फैसले से आम जनमानस को फायदा मिलेगा। लोगों को बेहतर और सस्ती परिवहन सुविधा देने के लिए सरकार ने बीते वर्ष भी यह सेवाएं शुरू की थीं।


सरकार के इस फैसले को व्यक्ति विशेष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने जनमानस को फायदा देने वाली सुविधा बताते हुए सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके चलते प्रदेश सरकार फिर से यह सेवाएं बहाल करने जा रही है। 

72 की जगह लगता था 40 रुपये किराया
प्रदेश सरकार ने शिमला से सोलन तक फिक्स किराये वाली बसें चलाई थीं। सोलन का किराया 72 रुपये लगता है जबकि निगम प्रबंधन 40 रुपये फिक्स कराये में लोगों को यह सुविधा मुहैया करा रहा था।


इसके अलावा कांगड़ा-पठानकोट, कांगड़ा-बैजनाथ, धर्मशाला-ज्वाली जी आदि कई स्टेशनों के लिए फिक्स किराये वाले बसें चलाई थीं। 


परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि लोगों को फायदा देने के लिए फिर से फिक्स किराये वाले बसें चलाने का फैसला लिया गया है।


जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्युअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) की बसों में लोगों को यह सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। परिवहन निगम बनाम प्रवीण दत्त के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने परिवहन निगम के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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