सीमित प्रशासनिक अधिकारों के चलते लोग परेशान संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। शहर से सटे शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र धामी को तहसील का दर्जा देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसको लेकर हलोग-धामी जिला परिषद वार्ड के तहत आने वाली 19 पंचायतों सहित आसपास की छह पंचायतों के लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की और धामी उप-तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने का आग्रह किया।
लोगों का कहना है कि सीमित प्रशासनिक अधिकारों के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व और प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों के लिए भी उन्हें शिमला शहर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वर्तमान में धामी को उप-तहसील का दर्जा प्राप्त है। जिला परिषद हलोग-धामी वार्ड के तहत आने वाली पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों ने यह मांग जिला परिषद सदस्य के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई है। लोगों का कहना है कि इस वार्ड के तहत सैकड़ों गांव आते हैं। इन गांवों के अधिकांश लोग दूध, फल और सब्जी उत्पादन पर निर्भर हैं। ऐसे में छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए शिमला शहर आना उनके लिए समय और आर्थिक दृष्टि से कठिन होता है।
शहर तक पहुंचने में ही उनका अधिकांश समय व्यतीत हो जाता है। यदि धामी में ही तहसील की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
जिला परिषद सदस्य अनीता शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न मांगों के साथ धामी उप-तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।