9वीं और जमा एक कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को अब बोर्ड कक्षाओं की तर्ज पर प्रति विषय ग्रेस मार्क्स दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने नंबर देने के पैट्रन में बड़ा बदलाव किया है। यह व्यवस्था हर साल लागू होगी। 9वीं में सात विषय होते हैं। छात्रों को अब सात नंबर अतिरिक्त दिए जाएंगे।
जमा एक में पांच विषय हैं। विद्यार्थियों को पांच नंबर अतिरिक्त दिए जाएंगे। डिवीजन सुधारने में यह ग्रेस मार्क्स अहम भूमिका निभाएंगे। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. बीएल बिंटा ने इसकी पुष्टि की है। दसवीं और जमा दो कक्षा में स्कूल शिक्षा बोर्ड ग्रेस मार्क्स देता है।
इसी तर्ज पर प्रदेश के कई स्कूलों में 9वीं और जमा एक कक्षा में भी छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए जाते हैं लेकिन ग्रेस मार्क्स देने के आदेश आधिकारिक नहीं होने के चलते कई स्कूलों में छात्र इनसे महरूम रह जाते हैं। शिक्षा विभाग ने शनिवार को आदेश जारी कर ग्रेस मार्क्स देने के आधिकारिक आदेश जारी किए हैं।
बताया जा रहा है किसी विषय में 32 नंबर आने पर स्कूल अपने स्तर पर छात्रों को एक नंबर अतिरिक्त देकर कुल अंक 33 कर छात्र को पास कर देते थे।
अब आधिकारिक फैसला होने से डिवीजन सुधारने वाले छात्रों को भी इन ग्रेस मार्क्स का लाभ हो सकेगा। शिक्षा विभाग ने नॉन बोर्ड क्लासिज को ग्रेस मार्क्स देने का फैसला पहली बार लिया है। इस शैक्षणिक सत्र से ही यह आदेश लागू होंगे।