शहर के बंधित, प्रतिबंधित और संपर्क मार्गों पर दौड़ने वाली एचआरटीसी टैक्सियां अब जीपीएस और स्पीड गवर्नर से लैस होंगी। टैक्सी चालकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए एचआरटीसी ने टैक्सी ऑपरेटरों के लिए गाड़ी में जीपीएस और स्पीड गवर्नर लगाने अनिवार्य कर दिए हैं।
जीपीएस से जहां गाड़ियों की लोकेशन पर नजर रखी जाएगी, वहीं स्पीड गवर्नर के जरिये गाड़ी की रफ्तार पर अंकुश लगाया जाएगा। अगले महीने से राजधानी में 57 रूटों पर एचआरटीसी टैक्सी सेवा शुरू होने जा रही है।
यह टैक्सियां शहर के संपर्क मार्गों के साथ प्रतिबंधित मार्गों से होकर भी गुजरेंगी। इन मार्गों का प्रयोग शहर के लोग पैदल चलने के लिए कर रहे हैं। टैक्सी ऑपरेटरों को एचआरटीसी की ओर से रूट परमिट दिए जाएंगे।
ऑपरेटर इन परमिटों का दुरुपयोग न करें, इसके लिए इसके लिए सभी टैक्सियों में जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जीपीएस के जरिये एचआरटीसी इन टैक्सियों की मूवमेंट पर नजर रखेगा।
साथ ही तेज रफ्तार दौड़ने वाली टैक्सियों के कारण कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए निगम प्रबंधन ने टैक्सियों में स्पीड गवर्नर लगना अनिवार्य कर दिया है। स्पीड गवर्नर से लैस टैक्सियां तय गति सीमा से अधिक रफ्तार में नहीं दौड़ सकेंगी।