बैन हो चुकी पुरानी करेंसी को ठिकाने लगाने के लिए चढ़ावे के छोटे नोटों से अदला-बदली करने के मामले में मंदिर अधिकारियों पर गाज गिरना लगभग तय है। एसडीएम अंब ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी है। चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं उपायुक्त विकास लाबरू ने रिपोर्ट को सरकार को भेजने की तैयारी कर ली है। इस पर अब भाषा एवं संस्कृति विभाग की सचिव उचित फैसला लेंगी।
अंदरखाते एसडीएम की जांच में मंदिर अधिकारियों पर आरोपों और तथ्यों की पुष्टि हो गई है। बताया जा रहा है कि वायरल हुई ऑडियो क्लिप की सत्यता और संबंधित शिकायतकर्ता कर्मचारी के आरोपों के आधार पर रिपोर्ट पूरी निष्पक्षता से तैयार की गई है। उपायुक्त
विकास लाबरू ने कहा कि मामला सरकार को भेजा जा रहा है। यह रिपोर्ट भाषा एवं संस्कृति विभाग की सचिव को भेजी जाएगी। सूत्र बताते हैं कि मामले में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच हो सकती है।
इसके लिए सरकार किसी अन्य एजेंसी को अधिकृत कर सकती है। मामला उजागर होने के बाद उपायुक्त ने संबंधित मंदिर अधिकारियों को गणना ड्यूटी से हटा दिया था। पहले दिन एसडीएम अंब की अध्यक्षता में चढ़ावे के नोटों की गणना की गई। नियमित तौर पर नायब तहसीलदार भरवाईं और तहसीलदार अंब की निगरानी में गणना करवाई जा रही है।
यह है मामला
चिंतपूर्णी मंदिर में नोटबंदी के फैसले के बाद कथित तौर पर चढ़ावे के छोटे नोटों के बदले बड़े नोट एडजस्ट करने की कोशिश की जा रही थी। अधिकारियों के इशारे पर यह खेल पहले दिन से जारी था। दूसरे दिन मंदिर के ही एक संबंधित कर्मचारी ने विरोध किया तो उस पर कथित दबाव बनाया गया।
प्रारंभिक जांच में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता भी इसमें नजर आ रही है। संबंधित कर्मचारी से गालीगलौज भी की गई। इसकी कर्मचारी ने बाकायदा रिकॉर्डिंग कर ली। ‘अमर उजाला’ में खबर छपते ही यह रिकार्डिंग जांच का आधार बनी और उपायुक्त ने एसडीएम अंब सुनील वर्मा को जांच का जिम्मा सौंपा।