कोटला गांव के लिए लिंक रोड न बनाने पर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। सरकार ने अधिकारियों से जवाब मांगा है कि गांव में आग की घटना से पहले संपर्क मार्ग से मलबा क्यों नहीं हटाया गया? अगर समय रहते इस मलबे को हटा दिया जाता तो आसानी से अग्निशमन विभाग के छोटे वाहन मौके पर पहुंच सकते थे और आग पर
काबू पाया जा सकता था लेकिन लोक निर्माण विभाग ने ऐसा करने की जहमत नहीं उठाई। प्रदेश सरकार ने इसे लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया है। गोर हो कि इस अग्निकांड में गांव के 80 घर जल गए थे।
कोटला गांव के लिए यह संपर्क मार्ग पंचायत ने बनाया है। बीते छह महीने से इस मार्ग पर छोटी गाड़ियां चल रही थी। बारिश के चलते जगह जगह ल्हासे गिरने से यह मार्ग तंग हो गया। गांव में आग की घटना के बाद जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कोटला दौरा निश्चित हुआ तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने रातों रात गांव के लिए रास्ता खोल दिया।
नरेंद्र चौहान, एसीएस (लोनिवि) ने बताया कि इस संपर्क मार्ग से मलबा हटाया जा सकता था। ऐसा क्यों नहीं किया गया, इस बारे में लोक निर्माण विभाग के ईएनसी को रिपोर्ट तलब करने को कहा है। अगर अग्निशमन के वाहन मौके पर जाने को तैयार थे तो अधिकारियों को चाहिए था कि वह सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगा दे।