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नई सरकार के पहले ही साल में हांफ गई मुफ्त स्कूल वर्दी योजना

Tue, 30 Oct 2018 11:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश सरकार की स्मार्ट स्कूल वर्दी योजना पहले साल में ही हांफ गई है। स्कूलों का शीतकालीन शिक्षा सत्र समापन की ओर है और अभी तक विद्यार्थियों को स्कूल वर्दी नहीं मिली है। संबधित एजेंसी ने स्कूल वर्दी की आपूर्ति के लिए एक कंपनी के साथ नेगोसिएशन कर ली है।

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इसकी फाइल प्रदेश सरकार को भेजी गई है, लेकिन अभी सरकार की ओर से मंजूरी नहीं दी गई। लिहाजा, सप्लाई ऑर्डर अटका हुआ है। वर्ष 2012-13 में राज्य के स्कूलों में मुफ्त वर्दी योजना आरंभ की गई थी।

पहले साल में स्कूली शिक्षा सत्र फरवरी-मार्च में शुरू हुआ था और स्कूली छात्रों को अगस्त से मुफ्त वर्दी देना शुरू हुआ था। साल 2013-14 में अगस्त में ही वर्दी का सप्लाई ऑर्डर जारी हो गया था। इसी तरह वर्ष 2014-15 में जुलाई, और 15-16 में अक्तूबर महीने में सप्लाई आर्डर दिया था।
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2016-17 और 2017-18 एक साथ निविदाएं आमंत्रित की गई थीं और क्रमश: 2016-17 जून और 2017- 18 मई महीने में सप्लाई ऑर्डर जारी किया गया था। 2018-19 के सप्लाई ऑर्डर ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और अक्तूबर अंत तक छात्रों को मुफ्त वर्दी नहीं मिल सकी है। 

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खाद्य आपूर्ति निगम का कहना है कि वर्दी की फाइल प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है। निगम का दावा है कि 18 मई को स्कूल वर्दी के लिए ई निविदाएं आमंत्रित की गईं।

इसमें 6 कंपनियों ने हिस्सा लिया। वित्तीय निविदाएं 16 जुलाई को खोली गईं, इसमें जिस कंपनी का रेट सबसे कम था निगम की ओर से उस कंपनी के साथ नगोसिएशन की गई।

1 अगस्त को फाइल प्रदेश सरकार को भेजी गई, तब से मामला सरकार के विचाराधीन है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज कहते हैं कि उनके पास फाइल नहीं है। यह काम खाद्य आपूर्ति निगम को सौंपा गया है, उन्होंने ही शिक्षा विभाग को वर्दी देनी है। 
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