हिमाचल में 30 हजार के करीब अवैध निर्माण हैं। कइयों ने बेसमेंट खोल दी है तो कइयों ने अतिरिक्त मंजिलें बना दी हैं। लोगों ने एटिक तक में कमरे निकालकर बिजली और पानी के कनेक्शन लगा दिए हैं। इसमें मंत्रियों के रिश्तेदार तक शामिल हैं। विधायकों के करीबियों ने भी सरकारी जमीनें हड़प रखी हैं।
प्रदेश प्रैक्टिसिंग आरकिटेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव वर्मा ने कहा कि अवैध निर्माण सरकारों ने करने दिया और लोग भी निर्माण करने में पीछे नहीं हटे। सरकार को अब एक बार अवैध भवनों को नियमित करने का मौका देना चाहिए। इसके बाद अगर कोई अवैध निर्माण करता है तो उस पर सख्ती की जाए।
छह बार बनाईं भवन नियमित करने को पॉलिसियां
हिमाचल में करीब 6 बार भवन नियमित करने को लेकर पॉलिसियां बनाई गई हैं। कई पॉलिसी स्थानीय स्तर पर तो कई राज्य स्तर पर आई हैं। इसमें लोगों को 20 से लेकर 40 फीसदी तक डेविएशन करने में छूट दी गई थी। ज्यादातर सरकार की यह पॉलिसियां कोर्ट में फंस र्गइं।