शाहपुर के सिविल अस्पताल से लिए गए पैरासिटामोल सिरप और एंटासिड सिरप के सैंपल फेल हो गए हैं। कंडाघाट सोलन स्थित लैब में सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। जहां सिरप को मानकों के अनुरूप और स्टैंडर्ड क्वालिटी का नहीं पाया गया है। लैब से रिपोर्ट आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है।
नोटिस में स्थिति स्पष्ट करने को लिखा गया है। अगर कंपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करती है तो मामला कोर्ट में जा सकता है। इन सिरप का स्टैंडर्ड क्वालिटी के न होने पर दवा का सेवन करने वाले मरीजों पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। ड्रग इंस्पेक्टर विकास ठाकुर ने कहा कि शाहपुर अस्पताल से लिए गए पैरासिटामोल और एंटासिड सिरप के सैंपल फेल हो गए हैं।
दवा कंपनियों को इसे लेकर नोटिस भेजा गया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की नई नीति के अंतर्गत जहां डॉक्टरों पर अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां ही लिखने का दबाव डाला जा रहा, वहीं यहां उपलब्ध दवाइयों के सैंपल फेल हो जाएं तो मरीजों का क्या होगा, इसका अंदाजा सहज जही लगाया जा सकता है।
हाथ पर ही टूट जाती हैं सरकारी दवाइयां- जसूर निवासी अशोक, गीत, सुधा और नूरपुर के अशोक, सौरभ, निशांत और सुधीर ने बताया कि जब भी लोग सरकारी अस्पताल की पैरासिटामोल या एंटीबायोटिक खाने लगते हैं तो दवाइयां हाथ में ही टूट जाती हैं।