एमसी चुनाव में कांग्रेस ने खेला बड़ा दाव
ढाई मंजिला भवनों के एटिक फ्लोर में रहने की अनुमति नहीं देता है एमसी
अब सरकार ने नियम में किया संशोधन, बना सकेंगे रहने लायक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बनने वाले भवनों के एटिक को भी अब रहने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। नगर निगम चुनाव के लिए लगी आचार संहिता के बीच प्रदेश सरकार ने वीरवार को शहरवासियों को बड़ी राहत दे दी है।
सरकार ने भवनों के एटिक को रहने योग्य बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे शहर में बनने वाले नए भवनों के मालिकों को फायदा होगा। हालांकि, भाजपा ने चुनाव आचार संहिता के बीच इस प्रस्ताव को मंजूरी देने को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। पार्टी का कहना है कि आचार संहिता के बीच इस तरह के फैसले लेकर कांग्रेस जनता को लुभाने का प्रयास कर रही है। शिमला शहर से भाजपा नेता संजय सूद ने कहा कि एटिक फलोर को रहने लायक बनाने का प्रस्ताव सबसे पहले भाजपा ने ही तैयार किया था। लेकिन किन्ही कारणों से इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब अचानक आचार संहिता के बीच कांग्रेस सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। आचार संहिता के बीच ऐसे फैसले नहीं लिए जा सकते। ओपीएस को लेकर भी सरकार ने जानबूझकर आचार संहिता के बीच ही फैसला लिया है ताकि कर्मचारियों को लुभाया जा सके।
एटिक की बढ़ेगी उंचाई, मिलेगा बिजली पानी
एनजीटी के फैसले के अनुसार शिमला शहर के कोर एरिया में भवन निर्माण की अनुमति नहीं है। नॉन कोर एरिया में सिर्फ ढाई मंजिला भवन निर्माण की मंजूरी मिलती है। इसमें दो मंजिल भवन के साथ एटिक शामिल होता है। हालांकि, एनजीटी के फैसले के अनुसार अभी तक एटिक में रहने की अनुमति नहीं दी जाती। एटिक की उंचाई भी करीब 2.75 मीटर तक ही रहती है। सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले सरकार ने नगर निगम ने इस बारे में एक प्रस्ताव लिया था। प्रस्ताव में एटिक की ऊंचाई करीब तीन मीटर यानि 10 फीट करने की योजना है। साथ ही बिजली और पानी जैसे कनेक्शन देकर इसे रहने योग्य बनाने की योजना है। सरकार के फैसले से शहरवासियों को फायदा होगा। लोग अब एटिक का इस्तेमाल रहने के लिए कर सकेंगे। लंबे समय से लोग इसकी मांग भी कर रहे थे। भाजपा नेता संजय सूद ने कहा कि शिमला शहर में नगर निगम चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू है। इसके बीच सरकार ने शिमला शहर के लिए एक बड़ा फैसला ले लिया, जो आचार संहिता का उल्लंघन है।