शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर
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शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा है कि योग को शिक्षा व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा। इससे योग के व्यापक प्रचार-प्रसार में मदद मिलेगी और उच्च शिक्षित युवा योग साधकों के लिए शिक्षण संस्थानों में रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश योगासन खेल संघ की ओर से आयोजित 33 दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के ऑनलाइन समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मंत्री ने कहा कि योग के बिना मनुष्य के समग्र विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य सरकार ने 27 अप्रैल 2017 को उच्च शिक्षा विभाग में योग शिक्षकों के 60 पद सृजित किए थे। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बीए में योग अध्ययन को एक वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है। उन्होंने इस मामले में शिक्षा मंत्री से यथाशीघ्र कार्यवाही करने का अनुरोध किया।
प्रदेश योगासन खेल संघ के महासचिव विनोद योगाचार्य ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया और संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। प्रसिद्ध योग गुरु एवं प्रदेश योगासन खेल संघ के संरक्षक प्रो. जीडी शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष लीलाधर शर्मा ने उम्मीद जताई कि शिक्षा मंत्री की पहल से योग के माध्यम से प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकेगा। वर्चुअल कार्यक्रम में संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रदेश बिजली बोर्ड के निदेशक (ऑपरेशंस) पंकज डडवाल, प्रोफेसर पीके आहलूवालिया एवं डॉ. आरसी शर्मा समेत लगभग 70 योग साधक शामिल हुए।