भाजपा के पूर्व मंत्री एवं संसदीय क्षेत्र प्रभारी गोविंद ठाकुर ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह जितनी भी उपलब्धियां गिना रहे हैं वह केंद्र की ओर से हिमाचल को दी गई हैं। उनका केवल मात्र इतना ही योगदान है कि उन्होंने डाकिए का काम किया है। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को करोड़ों रुपये का फंड प्राप्त हुआ है। अगर इसका श्रेय विक्रमादित्य लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं पर जनता सब जानती है कि पैसा कहां से आया है। फोरलेन, टनल सभी के लिए पैसा केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल के लिए एक लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इससे सड़कें बनेंगी भी और उनकी मरम्मत भी होगी।
उन्होंने कहा की नाबार्ड इस साल 2024-25 में प्रदेश को 34,490 करोड़ रुपये देगा। यह 2023-24 के 31971.50 करोड़ से आठ प्रतिशत अधिक है। यह फैसला 31 जनवरी 2024 को आयोजित क्रेडिट सेमिनार में दी गई थी। प्रदेश को प्रधानमंत्री पोषण स्कीम के तहत केंद्र की ओर से साढ़े 42 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। इसमें मंडी को सबसे ज्यादा करीब साढ़े छह करोड़ की राशि दी गई थी। यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के साथ कभी भेदभाव नहीं किया और जितने भी आरोप कांग्रेस पार्टी के नेता लगा रहे हैं वो बेबुनियाद हैं। आपदा के समय भी केंद्र सरकार ने हिमाचल को 1800 करोड़ की राहत राशि भेजी थी और साथ ही 21,000 घर निर्माण की स्वीकृति दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर ग्रामवासियों से फोन पर बात भी की।