बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर ईको पर्यटन के विकास के लिए सार्वजनिक निजी सहभागिता की संभावना का पता लगाया जाए। उन्होंने कहा कि ईको पर्यटन गतिविधियों के अंतर्गत पंचायतों को जोड़कर उन्हें हितधारक बनाने पर बल दिया जाएगा तथा वृत्त व मंडल स्तर की समितियां
गठित की जाएंगी। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय समय सीमा में सभी मामले सहित ईको पर्यटन के डिजाइन तैयार किए जाएं। उन्होंने निविदा दस्तावेजों को भी पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि हितधारकों तथा अन्यों को 10 चिह्नित ईको स्थलों को आवंटित किया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरुण कपूर, प्रधान मुख्य अरण्यपाल डॉ जीएस गोराया, प्रधान अरण्यपाल वन्य प्राणी डॉ रमेश कंग समेत विभिन्न जिलों के वन अधिकारी शामिल थे।