राज्यपाल ने विद्यार्थियों से पूछा कि उनके घर पर कौन सी किताबें हैं, इस पर छात्रा उर्वशी ने बताया कि उनके घर पर गीता है। राज्यपाल ने पूछा कि उसे पढ़ा आपने तो छात्रा ने कहा कि नहीं, माता-पिता पढ़ते हैं।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बल्देयां का दौरा कर विद्यार्थियों से अच्छी किताबें पढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने नौवीं कक्षा के 41 छात्र-छात्राओं के साथ करीब पौने घंटे बातचीत की। विद्यार्थियों को महापुरुषों के संघर्ष और सफलताओं पर लिखी पुस्तकें बांटीं। इस मौके पर कक्षा में भाषा अध्यापक डॉ. देशराज भी मौजूद रहे।
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राज्यपाल ने कहा कि पुस्तकें सच्ची मित्र और मार्गदर्शक होती हैं। बच्चों से कहा कि आप मेलों और बाजार में जाते हैं तो खिलौने तथा मिठाई खरीदने के बजाय माता-पिता से अच्छी किताबें खरीदने की मांग करें। राज्यपाल ने इस दौरान पूछा कि उनके घर पर कौन सी किताबें हैं, इस पर छात्रा उर्वशी ने बताया कि उनके घर पर गीता है। राज्यपाल ने पूछा कि उसे पढ़ा आपने तो छात्रा ने कहा कि नहीं, माता-पिता पढ़ते हैं। राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को अच्छी, ज्ञानवर्द्धक तथा प्रेरणा देने वाली किताबें पढ़नी चाहिए। इस मौके पर नौवीं के छात्र नीतीश, पंकज, मधु, रेखा और तृषा ने भी राज्यपाल के सवालों के जवाब दिए।
चिट्ठी लिखकर बताना कैसी लगीं किताबें
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विद्यार्थियों से पुस्तकों को पढ़ने के बाद 18 जून तक राजभवन के पते पर चिट्ठी लिखकर फीड बैक देने को भी कहा। कहा कि उन्हें लिखकर बताना है कि पुस्तक में उन्हें क्या अच्छा लगा। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वह किताबों को पढ़ेंगे।
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नई शिक्षा नीति पर की चर्चा
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बलदेयां स्कूल में चिनार का पौधा भी रोपा। उन्होंने प्रधानाचार्य धर्मपाल जिस्टू और स्टाफ के सदस्यों के साथ नई शिक्षा नीति पर चर्चा की। शिक्षकों ने कहा कि नीति को लागू करवाने के लिए वह तैयार हैं। विभाग के जो भी आदेश होंगे उसके अनुसार नीति को लागू किया जाएगा।