राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण के साथ ही बुधवार से हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। एक घंटे के अभिभाषण में राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र के सभी वायदों को पूरा किया है। विभिन्न क्षेत्रों में अर्जित शानदार उपलब्धियां सरकार की ओर से किए गए अच्छे कार्यों की साक्षी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल सरकार ने चालू वित्त वर्ष में कौशल विकास भत्ता योजना के तहत 72,351 लाभार्थियों को 33.25 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। योजना शुरू होने के बाद 31 दिसंबर 2016 तक 1,58,100 लाभार्थियों को 116 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। दीन दयाल उपाध्याय कौशल योजना के तहत लगभग 15 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों को समय-समय पर अनेक वित्तीय लाभ दिए हैं। चालू वित्त वर्ष में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते पर 400 करोड़ रुपये और अंतरिम राहत 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अवैध खनन को रोकने के लिए राज्य की नदियों के तटों पर खनिज-खदानों की नीलामी की जा रही है।
सरकार की ये उपलब्धियां भी गिनाईं
वर्ष के दौरान अवैध खनन के 6,840 मामले सामने आए हैं, जिनमें 5,104 मामले कंपाउंड किए गए। दो करोड़ 93 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। एक साल में भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ 35 मामले दर्ज किए गए हैं। शहीद के एक पात्र आश्रित को रोजगार देने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में स्वास्थ्य मानकों में बेहतर परिणाम सामने आए हैं। जन्म दर कम होकर राष्ट्रीय स्तर के 42 के मुकाबले 28 हो गई है। कुल प्रजनन दर 2.3 की तुलना में केवल 1.7 है।
वर्तमान वित्त वर्ष में प्रदेश में 245 किलोमीटर वाहन योग्य सड़कों और 22 पुलों का निर्माण किया गया है। करीब 40 गांवों को सड़कों से जोड़ा गया है। सरकार ने 570 करोड़ रुपये की डीपीआर धनराशि की व्यवस्था करने को नाबार्ड से अनुरोध किया है। एनएच के लिए 306 करोड़ रुपये के कार्य मंजूर किए हैं।
लोगों को सुरक्षित पेयजल के लिए 53,604 बस्तियों में से 32,550 में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर की दर से पानी दिया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में ही 21,054 बस्तियों में से 1,308 में पेयजल सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया। राज्य में बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं पर 160 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है।
शिक्षकों के 2500 पद भरे जाएंगे
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2016-17 में 1,700 पद शिक्षकों के भरे गए हैं। 2,500 अन्य पदों को भरने की प्रक्रिया अंतिम स्तर पर है। अग्निशमन विभाग में 100 पदों को भरने की मंजूरी दी है। राज्य में 2016 में जनवरी से दिसंबर के बीच सैलानियों की संख्या बढ़कर 1,84,50,000 तक पहुंच गई है।
पिछले वर्ष की तुलना में 5.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एशियन विकास बैंक के सहयोग से पर्यटन के लिए 640 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। विभिन्न साहसिक खेलों में 4,851 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आयात किए 2.23 लाख उन्नत किस्म के पौधे
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में इस साल तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र को फ ल उत्पादन के तहत लाया गया है। हिमाचल में उन्नत किस्म के 2.23 लाख उन्नत किस्म के सेब, नाशपाती, चेरी, आडू् और प्लम के गुणात्मक रूट स्टॉक आयात किए गए हैं। विश्व बैंक से 1134 करोड़ रुपये की कार्यान्वयन योजना मंजूर की गई है।
ड्राप आउट महज एक प्रतिशत
प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति एक प्रतिशत से कम है। 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के विद्यार्थियों की पाठशाला में नामांकित होने की दर 99.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह देश में सबसे अधिक है। विद्यार्थियों को भारत और विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 10 लाख रुपये के ऋण पर चार प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।