राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि हिमाचल को प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है, लेकिन हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि इसे स्वच्छता के लिए भी जाना जाए। इस कार्य में स्कूली बच्चे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल ने यह बात बुधवार को शिमला के ऑकलैंड स्कूल के निकट स्वच्छता अभियान के दौरान कही।
इस दौरान राज्यपाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इससे पूर्व शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित स्वच्छ हिमाचल ‘पढ़ाई भी सफाई भी’ कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने नशे की प्रवृत्ति से युवाओं को बचाने के लिए गौ-पालन, जैविक कृषि को प्रोत्साहन, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान को प्रदेश में
सफल बनाने तथा समाज में समरसता का वातावरण विकसित करने के लिए प्रयास किए हैं। स्कूली बच्चे मन में ठान लें तो स्वच्छता के अभियान की सफलता निश्चित है। बच्चे देश का भविष्य हैं और देश व प्रदेश की प्रतिष्ठा को बनाना
उनके हाथ में है। बच्चे ही बड़ों की सोच को बदल सकते हैं। जिसकी शुरुआत वे स्कूल और घर से कर सकते हैं। बच्चे प्रण लें कि जन्मदिन पर वह पौधरोपण करें और उसकी देखभाल भी करें।