राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राज्य बाल कल्याण परिषद के संचालित किए जा रहे विभिन्न आश्रमों और बाल गृहों के नियमित निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि देश के कुछ संस्थानों में अप्रत्याशित घटनाओं के मद्देनजर हर आश्रम में सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए।
राज्य कल्याण परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने ये दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों की मनोदशा को बेहतर समझने के लिए स्थानीय समिति में एक मनोचिकित्सक होना चाहिए।
परिषद के संचालित प्रत्येक आश्रमों में परामर्श की विशेष सुविधा और निगरानी सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए। उन्होंने आश्रमों में रहे रहे बच्चों के प्रति गंभीरता एवं मानवीयता बनाए रखने की अपील की। कहा कि ऐसे केंद्रों की देखरेख को व प्रशिक्षित व्यक्ति तैनात होने चाहिए। कहा कि अधिकांश अपराध एवं दुर्घटनाएं नशे के कारण होती हैं, जिन पर अंकुश लगाने की जरूरत है।