टुटू डवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता का कहना है कि सड़क बनाने वाले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन्हीं की लापरवाही के चलते शहर और एनएच पर आए दिन बड़े हादसे हो रहे हैं। विभाग ने सड़कें तो बना ली लेकिन न तो रेंलिंग लगाई और न ही पैरापिट लगाए हैं।
हाल ही में पंथाघाटी के पास शिमला के पूर्व एसपी चंद्रशेखर की गाड़ी भी दुर्घटनाग्रस्त हुई। यदि यहां सड़क पर पैरापिट होते तो यह हादसा न होता।
गुप्ता ने कहा कि टूटीकंडी से ढली बाईपास को बने हुए तकरीबन 20 वर्ष से ज्यादा बीत गए हैं लेकिन अभी भी यह मार्ग पूरी तरह से पैरापिट /रेलिंग के अभाव में चल रहा है।
कमेटी ने पिछली सरकार में भी इस मांग को उठाया था लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब उम्मीद है कि वर्तमान सरकार उनकी मांग जरूर पूरी करेगी।
कमेटी का कहना है कि इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय होने से ही ये हादसे थम पाएंगे।