चयन होने के बावजूद 762 कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति छह महीने के लिए टल गई है।
शिक्षा विभाग ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ की कंपनी का करार छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है।
कंपनी के करीब 1562 कंप्यूटर शिक्षक उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में पढ़ा रहे हैं। शिक्षा विभाग का उक्त कंपनी के साथ करार 31 मार्च को समाप्त होना था, लेकिन विभाग ने इसे पहले छह महीने के लिए बढ़ा दिया है।
सितंबर 2014 तक कंपनी के तहत कंप्यूटर शिक्षक 9वीं से 12वीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पढ़ाएंगे।
कोर्ट तक पहुंच गया मामला
उधर, प्रदेश पीजीटीआईपी एसोसिएशन ने नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी एजूकेशन, उच्च शिक्षा निदेशक और चुनाव विभाग से इस संबंध में जवाब मांगा है।
मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होनी है। फरवरी 2014 महीने में अधीनस्थ चयन बोर्ड के माध्यम से उक्त 970 पदों के लिए 762 कंप्यूटर शिक्षकों का चयन हुआ था।
परीक्षा में छह हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया था और 1800 उम्मीदवारों ने साक्षात्कार दिया था। उच्च शिक्षा संयुक्त निदेशक डा. अमरदेव ने करार बढ़ाने की पुष्टि की है।
हिमाचल पीजीटीआईपी एसोसिएशन के महासचिव भूपेंद्र सिंह का कहना है कि मजबूरी में उन्हें कोर्ट का रास्ता अपनाना पड़ा है। पिछले तीन वर्षों से हमारी नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में चयन के बावजूद क्यों नियुक्ति नहीं दी जा रही है?