मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि हिमाचल सरकार कंप्यूटर शिक्षकों के लिए विशेष नीति बनाने पर विचार कर रही है।
वीरभद्र सिंह ने रविवार को कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं।
उन्होंने कांग्रेस कार्यालय में मंत्रियों के बैठने का सिलसिला रविवार को खुद बैठकर शुरू किया। उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी साथ रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आशा कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की सभी जिलों में चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आशा कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि हिमाचल में आईएएस अधिकारियों की कमी है। ये अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं भेजे जाएंगे। न ही पहले से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अधिकारियों को ही किसी तरह की कोई एक्सटेंशन ही दी जाएगी।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए निगमों-बोर्डों में कर्मचारियों की नियुक्तियां अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के माध्यम से की जाएगी।