बोले, आपातकालीन उपचार में मरीजों को आएगी दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सिमला कलेक्टिव संस्था की बैठक में सरकार की ओर से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) से महत्वपूर्ण विभागों को स्थानांतरित करने पर चिंता जताई गई। संस्था के सदस्यों ने कहा कि सरकार की ओर से सुधार और चिकित्सा उन्नयन किया जा रहा है लेकिन उसमें पूरी तरह से विफल है।
कार्डियोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी महत्वपूर्ण विभागों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना स्थानांतरित कर दिया है। यह संस्थान शहर से काफी दूर है और लोग आसानी से पहुंच नहीं पा रहे हैं। हृदय संबंधी आपात स्थितियों में तुरंत उपचार की जरूरत होती है, अब विभाग को दूसरे संस्थान में शिफ्ट कर दिया है। इससे उपचार में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। शिमला जैसे पहाड़ी क्षेत्र जहां भौगोलिक स्थिति, यातायात और मौसम पहले से ही चुनौतीपूर्ण हैं, वहां प्रमुख विभागों को अलग-अलग स्थानों पर स्थापित करना उपचार में जानलेवा देरी और मृत्यु दर बढ़ने का कारण बन रहा है।
चमियाना परिसर में ब्लड बैंक, सार्वजनिक या चिकित्सा परिवहन की सुविधा का अभाव है और मरीजाें को खतरनाक रास्ते से होकर पहुंचना पड़ रहा है। सिमला कलेक्टिव की सदस्य उमा सिंह महाजन ने कहा कि आईजीएमसी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ है। इसकी एकीकृत संरचना को कमजोर करना न केवल आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित करता है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और आपदा प्रबंधन क्षमता को भी कमजोर करता है। पहले से ही दबाव में चल रही व्यवस्था का विस्तार, मौजूदा प्रभावी प्रणालियों को तोड़कर नहीं किया जा सकता। सरकार को इस बारे में सोच विचार करना चाहिए।