टीजीटी कला संघ ने शिक्षा निदेशक और शिक्षा मंत्री भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश में टीजीटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नत हुए 642 प्रवक्ताओं ने प्रदेश सरकार से प्रवक्ता स्केल दिलाने की मांग की है। प्रवक्ता संघ ने मांग कि पदोन्नति के कई महीने बीत जाने के बाद भी प्रवक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
संघ के अनुसार प्रदेश में अनेकों सालों के इंतजार के बाद टीजीटी शिक्षकों को प्रमोशन मिल रही है। टीजीटी से हेडमास्टर प्रमोशन में 25 साल और टीजीटी से प्रवक्ता प्रमोशन में 10 से 15 साल का इंतजार करना पड़ रहा है। 749 टीजीटी पिछले 15 साल से प्रवक्ता प्रमोशन को तरस रहे हैं जिनकी डीपीसी होने के 5 माह बाद भी प्रमोशन सूची जारी नहीं हुई है। 642 टीजीटी को अगस्त 2025 में प्रवक्ता प्रमोट किया है लेकिन आज तक इनका वेतन निर्धारण प्रवक्ता पद हेतु नहीं किया है यानि टीजीटी पद का ही स्केल मिल रहा है। ऐसे में टीजीटी शिक्षकों को नाममात्र की पदोन्नति मिली है और वित्तीय लाभ नहीं मिले हैं।
पदोन्नत शिक्षकों को प्रवक्ता पद का वेतन देने की अपील राजकीय टीजीटी कला संघ ने शिक्षा निदेशक और शिक्षा मंत्री को भेजी है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि प्रमोशन का आर्थिक लाभ प्रमोट शिक्षकों को नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है और शिक्षा विभाग जब प्रमोशन के एक माह में वेतन निर्धारण विकल्प ले लेता है तो फिर सब प्रमोट होकर ज्वाइन कर चुके शिक्षकों को इसका लाभ एकमुश्त मिलना चाहिए।
शिक्षकों के रिक्त पदों से खाली हो रहे स्कूल
संघ ने कहा कि शिक्षकों के करीब 12 हजार पद रिक्त हैं और मार्च माह के बाद इनकी संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में सरकारी स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को भर्ती और पदोन्नति से भरना अपेक्षित है। तमाम कठोर फैसले शिक्षा विभाग पर ही नहीं थोपे जाएं और स्कूलों पर तालाबंदी का क्रम तत्काल रोका जाए, अन्यथा शिक्षा का पूरा निजीकरण हो जाएगा।