पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक करीब पांच साल पहले छात्रा के पिता अपने परिवार के साथ बसंतपुर आए थे और उसने अपने बच्चों की पढ़ाई पूरी करने के लिए बच्चों का बसंतपुर स्कूल में दाखिला करवाया। बीते साल अक्तूबर महीने में ठेकेदार का काम बसंतपुर में खत्म हो गया और राजगढ़ चला गया।
मजदूर भी अपने परिवार को लेकर ठेकेदार के साथ कमाई करने राजगढ़ चला गया। राजगढ़ में बच्चों का स्कूल में दाखिला न होने पर मजदूर वापस आया और बसंतपुर में ही बच्चों का दाखिला करवा दिया।
मजदूर ने बच्चों को रहने के लिए यहीं पर किराए का कमरा लिया और उसी की दुकान से बच्चों का राशन लगाकर वह मजदूरी करने वापस राजगढ़ चला गया। एसपी सौम्या सांबशिवन ने बताया कि पोस्टमार्टम करवाकर शव माता-पिता को सौंप दिया है।
मंगलवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद छात्रा अकेले ही घर लौटी। छात्रा के छोटा भाई ने उससे कहा कि वह रात को रहने के लिए अपने दोस्त के घर जा रहा है। कल वहीं से स्कूल आएगा।
इस पर छात्रा ने हामी भर दी। शाम के समय छात्रा के पिता ने फोन किया और पूछा की छोटा भाई कहां हैं। छात्रा ने कहा कि वह अपने दोस्त के घर गया है।
इस पर पिता ने कहा कि भाई को क्यों जाने दिया। दूसरे दिन छात्रा भी स्कूल नहीं गई। दोपहर बाद छात्रा कमरे से 500 मीटर की दूरी पर गई और पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।