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एंबुलेंस के इंतजार में ही टूट गई मासूम की सांसें

Tue, 05 May 2015 09:16 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंबा
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चंबा के गैहरा में एंबुलेंस के इंतजार में एक मासूम की सांसे उखड़ गई। मामला गैहरा क्षेत्र का है, जहां पर 11 वर्षीय मासूम की उल्टी दस्त के कारण तबीयत बिगड़ गई थी।
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परिजनों ने फौरन इसकी सूचना 108 एंबुलेंस को दी। मगर 15 मिनट का रास्ता होने के बावजूद एंबुलेंस दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। जब एंबुलेंस गांव में पहुंची तो उस समय तक वंदना की मौत हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार गांव धारणा पंचायत बकानी निवासी सुर्जन सिंह की 11 वर्षीय बेटी की मंगलवार सुबह सात बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। करीब सवा सात बजे उन्होंने 108 एंबुलेंस को फोन किया।
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मात्र आधे की घंटे की दूरी, मगर दो घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस

चंबा के इस गांव से एंबुलेंस 20 और 35 मिनट दूर है। बावजूद इसके एंबुलेंस के समय रहते न पहुंचने पर 108 एंबुलेंस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार 108 एंबुलेंस धरवाला और चंबा में खड़ी होती है। धरवाला से धारणा गांव की दूरी तय करने में मात्र 20 मिनट तो चंबा से 35 मिनट का समय लगता है।

बावजूद इसके108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचने में सवा दो घंटे का समय लग गया। जब एंबुलेंस मौके पर पहुंची तो उस समय तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। गुस्साए ग्रामीणों ने एंबुलेंस का रास्ता रोका और उसे काफी देर तक नहीं जाने दिया।

एंबुलेंस कर्मी लेट होने की वजह किसी और कॉल पर जाने की वज‌ह बताते रहे। इसको लेकर वह ग्रामीणों को रजिस्ट्रर भी दिखाते रहे। मगर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था।

इसके बाद किसी तरह से एंबुलेंस कर्मी मौके से जान बचाकर भागने में कामयाब हुए, लेकिन समय रहते अगर एंबुलेंस पहुंच जाती तो एक मासूम की जान बच सकती थी।
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