सरकारी और निजी कार्यालयों में योजना शुरू करने के दिए निर्देश, 30 से अधिक कर्मचारियों वाले दफ्तरों में शुरू होगी योजना
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युवाओं को योग्यता के अनुसार मिलेगा प्रशिक्षण भत्ता संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एनएपीएस) के तहत युवाओं को अपना रोजगार (लघु उद्योग) शुरू करने का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ प्रशिक्षण के बाद युवा किसी कंपनी में भी नौकरी कर सकते हैं।
नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत जिला स्तरीय बैठक में वीरवार को उपायुक्त (डीसी) अनुपम कश्यप ने यह जानकारी दी। उपायुक्त ने केंद्र सरकार की एनएपीएस योजना जिला के सरकारी और निजी कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत जिले में जिन कार्यालयों को 30 से अधिक कर्मचारी है उनमेें इस योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मासिक भत्ता भी मिलेगा।
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उपायुक्त ने बताया कि यह योजना अप्रेंटिसशिप एक्ट 1961 के तहत संचालित की जा रही है। केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने इसे लागू किया है। उन्होंने बताया कि एनएपीएस का मूल विचार अर्न व्हाइल यू लर्न यानी काम सीखते हुए कमाई करना है। इस योजना के तहत छात्र और युवा विभिन्न उद्योगों, कारखानों, कंपनियों और संस्थानों में अप्रेंटिस के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इससे उन्हें वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव मिलता है, जो केवल कक्षा में पढ़ाई से संभव नहीं होता। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें एक सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र भी मिलता है, जिससे उनकी रोजगार पाने की संभावना बढ़ जाती है।
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी और निजी कार्यालयों में जहां पर कर्मचारियों की संख्या 30 से अधिक है, नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम को लागू किया जाएगा। जिले के बड़े होटलों, बैंकों आदि में युवाओं को रखा जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और साथ ही वह निपुण भी होंगे। नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम युवाओं को कौशल, अनुभव और रोजगार तीनों से जोड़ने वाली एक प्रभावी पहल है।
अप्रेंटिस बनने के लिए योग्यताएं
अप्रेंटिस बनने के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष (कुछ खतरनाक उद्योगों में 18 वर्ष) निर्धारित है और शैक्षणिक योग्यता ट्रेड के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसमें 10वीं, 12वीं, आईटीआई या डिप्लोमा धारक हिस्सा ले सकते हैं। प्रशिक्षण की अवधि 6 महीने से 36 महीने तक होती है, जो कोर्स और ट्रेड पर निर्भर करती है। अप्रेंटिसशिप के लिए सभी सरकारी विभागों और निजी कार्यालयों को https://www.apprenticeshipindia.gov.in/ बेवसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। इसके साथ ही युवाओं को भी बेवसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। इसी के माध्यम से सारी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
किसको कितना मिलेगा मासिक भत्ता
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत कक्षा 5वीं और कक्षा 9वीं तक की योग्यता वाले व्यक्ति को 6800 रुपये प्रतिमाह, 10वीं पास को 8200 रुपये, कक्षा 12वीं पास को 9600 रुपये के अलावा राष्ट्रीय या राज्य प्रमाणपत्र धारक को 9600 रुपये मिलेंगे। इनके अलावा व्यावसायिक प्रशिक्षु या व्यावसायिक प्रमाणपत्र धारक को 9600 रुपये प्रतिमाह, डिप्लोमा धारक या मध्यवर्ती 10,900 रुपये और स्नातक डिग्री धारक को 12,300 रुपये प्रतिमाह दिया मासिक भत्ता दिया जाएगा।