जी हां, अब आपका मोबाइल फोन भी आपको काम दिलाने में मदद करेगा। अभी तक आप मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने के बाद पता करते थे कि आखिर किन किन विभागों में नौकरियां निकली है।
मगर अब आपकी पंचायत के लोग आपको बताएंगे कि कहां काम मिल रहा है। यदि आप चाहें तो काम कर सकते हैं। ये योजना मनरेगा से जुड़ी है। दरअसल महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में काम करने वाले मजदूर जल्द ही मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये भी काम की मांग कर सकेंगे।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के लिए कहा है। इसमें प्रदेश के 11 ब्लॉक शामिल किए गए हैं। चंबा -3, कुल्लू के दो, मंडी-3, शिमला-2 और सिरमौर का एक ब्लॉक शामिल है। इसके बाद सोलन सहित दूसरे जिलों के ब्लॉक भी शामिल किए जाएंगे। इसकी पुष्टि अतिरिक्त परियोजना सुभाष गौतम नेकी है।
ऐसे काम दिलाएगा आपका फोन
योजना को लागू करने के लिए सभी विकास खंडों में कम से कम दस दिन तक काम करने वाले बेरोजगारों का ग्रुप बनेगा। इसमें 10 से 15 बेरोजगार शामिल होंगे। ग्रुप में एक महिला और एक पुरुष को ग्रुप लीडर चुना जाएगा।
स्मार्ट फोन के जरिये इस ग्रुप का पूरा ब्योरा जैसे जॉब कार्ड तथा मोबाइल नंबर आदि मनरेगा सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। ग्रुप को एक विशिष्ट पहचान नंबर दिया जाएगा।
इस एप्लीकेशन के जरिये यह ग्रुप अपनी आवश्यकता के अनुसार पंचायत से काम की मांग करेगा।
बैठक में तैयार होगी रूपरेखा
यह ग्रुप हर सप्ताह आपस में बैठक कर अगले सप्ताह किए जाने वाले कार्य की रूपरेखा तैयार करेंगे और हर महीने के पहले सप्ताह में सभी ग्रुपों की बैठक ग्राम पंचायत के साथ होगी। इसमें पंचायत सचिव तथा ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहेंगे।
ऑडिट भी कर सकेंगे ग्रुप
ग्रुप करंट ऑडिट या संगामी ऑडिट भी करेंगे। कार्यक्रम अधिकारी सभी ग्रुपों को पिछले माह में शुरू कए गए कार्यों की रिपोर्ट देगा। इसके बाद ग्रुप के सदस्य यह देखेंगे कि यह सही है या नही और यदि उसमें कुछ सुधार की जरूरत है तो सुझाव भी विभाग को देंगे।