हिमाचल पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम ने ओबीसी से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। ओबीसी विद्यार्थियों को अब ऋण देने के लिए न्यूनतम आयु सीमा घटा दी गई है। फैसले के बाद ओबीसी विद्यार्थियों को ऋण देने के लिए न्यूनतम आयु सीमा को घटाकर 18 वर्ष की बजाय 15 वर्ष कर दिया है। शुक्रवार को वित्त निगम के निदेशक मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया है।
निदेशक मंडल के इस फैसले से ओबीसी वर्ग के हजारों विद्यार्थियों को ऋण लेने में लाभ मिल सकेगा। निगम ने अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित आईटीआई प्रशिक्षुओं को शिक्षा ऋण की परिधि में लाने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का भी निर्णय लिया है। शुक्रवार को हिमाचल पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के निदेशक मंडल की 32वीं बैठक निगम के अध्यक्ष चौधरी चंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई।
निगम के शेयर कैपिटल को 11 करोड़ से बढ़ाकर 13 करोड़ करने का निर्णय लिया है। वहीं सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं कौशल उन्नयन के लिए बिना किसी ब्याज के 50 हजार रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
बैठक में निदेशक मंडल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम कार्यालय के लिए कांगड़ा के पुराने एसडीएम कार्यालय भवन को देने के निर्णय का स्वागत किया है। बैठक में निदेशक मंडल के गैर सरकारी सदस्य सुरेंद्र काकू, मदन चौधरी, कैप्टन प्रताप चौधरी सहित विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।