हिमाचल प्रदेश को जेनेरिक दवाएं नहीं मिल रहीं हैं। सरकार कह रही है कि कंपनियों की ओर से जेनेरिक दवाएं उपलब्ध ही नहीं कराई जा रही हैं। प्रदेश सरकार की ओर से मरीजों के लिए 349 दवाओं की सूची तैयार की गई थी। सरकार ने बजट सत्र में घोषणा की गई थी कि प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जोनल अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस घोषणा को सरकार धरातल पर उतार नहीं पा रही है। इससे सीधे तौर पर प्रदेश के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार की ओर से बताया जा रहा है कि प्रदेश के लिए पर्याप्त मात्रा में सरकारी एजेंसियों की ओर से जेनेरिक दवाएं उपलब्ध ही नहीं हो पा रही हैं। इसकी वजह से प्रदेश के अस्पतालों में मरीजों को जेनेरिक दवाएं नहीं दी जा रही हैं।
ब्रांडेड दवाएं मौजूद- सरकार की ओर से 30 करोड़ रुपये की ब्रांडेड दवाएं चालू वित्त वर्ष के लिए खरीदी गई हैं। ये दवाएं जिला स्तर पर सीएमओ की ओर से खरीदी गई हैं। हालांकि यह दवाएं भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई सूची के अनुसार ही ली गई हैं।
सरकार की ओर से जेनेरिक दवाओं की घोषणाएं जरूर की गई हैं, लेकिन जेनेरिक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध ही नहीं हो पा रही हैं। हालांकि इसके लिए सरकार की ओर से प्रयास जारी हैं।
-कौल सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री