राजधानी में घरेलू रसोई गैस का संकट गहरा गया है। बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की सप्लाई नहीं हो रही। संशोधित डीबीटीएल योजना लागू होने से पहले शहर की गैस एजेंसियों में एकाएक बुकिंग का इजाफा भी हो गया है।
बाजार भाव पर गैस सिलेंडर लेने से बचने के लिए उपभोक्ताओं में सस्ते दाम का सिलेंडर लेने की होड़ मची है। 15 नवंबर के बाद उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर का बाजार भाव चुकाना होगा। सब्सिडी की राशि कुछ दिनों के भीतर बैंक खाते में आएगी।
शिमला शहर में करीब सवा लाख रसोई गैस उपभोक्ता हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कंपनी की शहर में गैस एजेंसियां हैं। गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाने के दो से तीन दिनों के भीतर सप्लाई मुहैया करवाई जाती है।
लेकिन बीते एक सप्ताह से सप्लाई गड़बड़ा गई है। एक सप्ताह पूर्व बुक करवाया गया गैस सिलेंडर भी लोगों को नहीं मिल रहा है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि कुछ दिनों में बुकिंग करवाने वालों की संख्या एकाएक बढ़ी है।
गैस कंपनियों से पुरानी मांग की तर्ज पर ही सप्लाई आ रही है। ऐसे में बैकलॉग बढ़ गया है। उपभोक्ता 15 नवंबर से पहले-पहले सप्लाई देने की मांग कर रहे हैं।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के जिला नियंत्रक रमेश गंगोत्रा का कहना है कि सभी गैस कंपनियों को नियमित सप्लाई देने की सख्त हिदायत दी है। कमी के संदर्भ में पूछताछ की जाएगी। उपभोक्ताओं को जल्द इस समस्या से राहत दिलाई जाएगी। इस बाबत विभाग कड़े कदम उठाएगा।
आईओसी ने बीते माह ही गैस बुकिंग को ऑनलाइन किया है। इसके तहत उपभोक्ता 24 घंटे में कभी भी एक फोन कॉल कर गैस सिलेंडर बुक कर सकता है। स्थानीय गैस एजेंसियों में रोजाना जहां एक गाड़ी की डिमांड होती थी वहीं अब तीन से चार गाड़ियों की डिमांड पहुंच गई है।
योजना से जुड़ चुके उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर इन दिनों एसएमएस भेजे जा रहे हैं। जिन लोगों ने साल 2013 में लिंकेज करवाई थी, उन्हें दोबारा लिंक नहीं करने की बात कही है। 15 नवंबर के बाद गैस सिलेंडर की सब्सिडी बैंक खाते में डलेगी। 17 अंकों का एलपीजी आईडी भी भेजे रहे हैं।