संशोधित डीबीटीएल योजना से लिंक घरेलू उपभोक्ताओं को जनवरी में 808.50 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा। दिसंबर के मुकाबले जनवरी में 45.50 रुपये सिलेंडर सस्ता होगा। दिसंबर में सिलेंडर का रेट 854 रुपये था।
322.15 रुपये की सब्सिडी उपभोक्ताओं के बैंक खातों में लौटाई जाएगी। पचास रुपये होम डिलीवरी का भाड़ा गैस सिलेंडरों के रेट में जोड़ा गया है। जनवरी में गैस सिलेंडर का रेट 758.50 रुपये है। योजना से नहीं जुड़ने वाले उपभोक्ताओं को 14 फरवरी तक 485 रुपये में सिलेंडर मिलेगा।
31 मार्च तक 12 सिलेंडरों के कोटे पर सब्सिडी मिलेगी। 13वें सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि नहीं लौटाई जाएगी।
आधार कार्ड न बनवाने वालों को आखिरी मौका
गैस सिलेंडरों की सप्लाई के साथ आने वाली पर्ची पर इसका पूरा उल्लेख किया है। पर्ची में कितनी राशि लौटाई जाएगी, सब्सिडी कोटे के कितने सिलेंडर प्रयोग किए हैं का पूरा ब्योरा दिया है। इसके अलावा उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसियों से इसकी जानकारी ले सकते हैं।
14 फरवरी तक आधारकार्ड नहीं बनवाने वाले उपभोक्ताओं को सरकार ने मई महीने तक सब्सिडी वापस लेने का आखिरी मौका दिया है। शर्त रखी है कि अगर बाजार भाव पर गैस सिलेंडर खरीदने वाला उपभोक्ता मई महीने तक आधारकार्ड बनवा लेता है और गैस एजेंसी में लिकेंज करवा लेता है उसे भी सिलेंडर की सब्सिडी लौटाई जाएगी।
मई में सब्सिडी की राशि लैप्स होने से जुलाई में इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।
15 जनवरी से करवा सकते हैं लिकेंज
केंद्र सरकार की संशोधित प्रत्यक्ष लाभांश स्थानांतरण योजना से उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए 15 जनवरी तक शहर में जगह-जगह विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
सचिवालय में हर सोमवार, संजौली चौक (नजदीक पुलिस चौकी) में मंगलवार, कसुम्पटी (नजदीक इंडियन ऑयल कारपोरेशन आफिस) में बुधवार, लक्कड़ बाजार बस अड्डा (वर्षाशालिका) में वीरवार, नाभा कालोनी में शुक्रवार, बालूगंज में शनिवार और टुटू में रविवार को उपभोक्ताओं के पंजीकरण के लिए शिविर लगेंगे। पंजीकरण न करवाने वालों को जल्द पंजीकरण करवाना होगा।
ये दस्तावेज लाएं साथ
इंडियन ऑयल कारपोरेशन की सहायक प्रबंधक (एलपीजी सेल्स) मानसी दूलो ने उपभोक्ताओं से शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। कहा है कि लोगों को फार्म साथ ले जाने की जरूरत नहीं।
मौके पर ही ऑनलाइन सिस्टम से लिकेंज की जाएगी। उपभोक्ता आवश्यक दस्तावेज साथ लाएं। बैंक और गैस एजेंसियों में लोगों को जाने की जरूरत नहीं। शिविर का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता को आधारकार्ड और बैंक खाता संख्या साथ लानी होगी। मौके पर ही उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ दिया जाएगा।