शिमला में संयुक्त किसान मंच के घटक संगठनों की बैठक हुई।
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एप्पल टूरिज्म के जरिये सरकार सेब को रोजगार के साथ जोड़ने के लिए योजना बनाए। सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस की सौगात दी है, अब बागवानों से किए वादे निभाए। प्रदेश में सेब उत्पादक क्षेत्रों की 14 में से 13 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी जीते हैं, अब सरकार की बारी है। मंगलवार को संयुक्त किसान मंच के घटक संगठनों ने शिमला में बैठक कर सरकार से उठाई जाने वाली मांगों पर चर्चा की। बैठक में प्लम ग्रोवर फोरम के संस्थापक दीपक सिंघा, प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशुतोष चौहान और यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसिएशन के महासचिव प्रशांत सेहटा और अशोक शर्मा मौजूद रहे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गारंटी दी है कि बागवान सेब का दाम खुद तय करेंगे और बागवानी आयोग का गठन होगा। सरकार इसके लिए तुरंत कमेटी बनाए और बागवान प्रतिनिधियों को इसमें शामिल किया जाए। हर साल मनमाने तरीके से सेब कार्टन और ट्रे के दाम बढ़ाए जाते हैं इसलिए सरकार 31 मार्च तक एचपीएमसी और हिमफैड की ओर से उपलब्ध करवाए जाने वाले कार्टन के दाम घोषित करे ताकि अन्य कंपनियों की मनमानी पर अंकुश लगे।
इन मांगों पर भी हुई चर्चा
अनुदान पर विश्वसनीय कंपनियों के कीटनाशक, फ फूंदनाशक उपलब्ध करवाएं, गुणवत्ता भी परखें
बी और सी ग्रेड सेब के प्रसंस्करण की हो व्यवस्था, जल्द तैयार हो पराला प्रसंस्करण प्लांट
एपीएमसी एक्ट सख्ती से लागू कर मंडियों में किलो के हिसाब से सेब बेचने की हो व्यवस्था
एचपीएमसी, हिमफैड एमआईएस के पैसे के एवज में 12: 32:16, 15:15:15 खादें दे, अन्य उत्पादों के दाम घटें
किन्नौरी चूल्ली की हो जीआई टैगिंग, पीच वैली बने हमीरपुर
प्लम ग्रोवर फोरम के संस्थापक दीपक सिंघा ने कहा कि आर्गेनिक गुठलीदार फलों जैसे किन्नौरी चूल्ली की जीआई टैगिंग की जाए तो इसके दाम तीन गुना बढ़ सकते हैं। गुठलीदार फलों की आधुनिक किस्में उपलब्ध हो तो हमीरपुर भी पीच वैली बन सकता है। इन फलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित हो।