शहर के कई वार्डों में नगर निगम ने वैकल्पिक तौर पर सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने की बनाई थी योजना
अब सैहब सोसायटी के कर्मचारी ही संभालेंगे जिम्मा, नहीं होगा दोबारा टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के कई वार्डों में सफाई व्यवस्था आउटसोर्स कर ठेकेदार के जरिए चलाने की नगर निगम की योजना ठप हो गई है। नगर निगम ने सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने के लिए किया टेंडर भी रद्द कर दिया है। सैहब सोसायटी के कर्मचारी ही शहर में सफाई का काम देखेंगे। सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की हड़ताल के बाद नगर निगम ने कई वार्डों में सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने की योजना बनाई थी। इसके लिए वार्डों को कई जोन में बांटा गया था। निगम प्रशासन ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की। हालांकि, बाद में सैहब कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई और शहर में सफाई व्यवस्था पहले की तरह सुचारु हो गई। इसके बावजूद निगम ने वैकल्पिक तौर पर कुछ वार्डों में सफाई का काम आउटसोर्स करने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी रखी। पर्याप्त आवेदन न आने पर कई बार टेंडर की अवधि बढ़ाई गई लेकिन अब इस टेंडर को ही रद्द कर दिया है।
टेंडर रद्द करने के पीछे किसी भी ठेकेदार का इस काम के लिए आवेदन न करना भी रहा है। अब नगर निगम ने फैसला लिया है कि सैहब कर्मचारी ही इस काम को करेंगे। नगर निगम दोबारा इसका टेंडर भी नहीं करेगा। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने कहा कि शहर में सैहब सोसायटी के कर्मचारी ही सफाई का जिम्मा संभाल रहे हैं और आगे भी संभालेंगे। निगम नया टेंडर नहीं करेगा।
900 से ज्यादा सैहब कर्मियों के हवाले सफाई व्यवस्था
शिमला शहर में सफाई का जिम्मा सैहब सोसायटी के 900 से ज्यादा कर्मचारियों पर है। इनमें घरों से कूड़ा उठाने से लेकर उसे वाहनों में भरयाल पहुंचाने तक का काम ये कर्मचारी कर रहे हैं। निगम ने इनकी वेतन बढ़ोतरी के लिए नया फार्मूला लागू किया है। 15 हजार रुपये वेतन वाले कर्मचारी को सालाना 10 फीसदी, 15 से 20 हजार वाले कर्मी को आठ फीसदी, 20 से 25 हजार पर 6 जबकि इससे अधिक तनख्वाह वाले कर्मचारी को सालाना चार फीसदी वेतन बढ़ोतरी दी जाएगी। सितंबर से यह बढ़ोतरी लागू भी कर दी गई है।