शहरी विकास विभाग ने प्रदेश की सभी नगर पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों को इसके निर्देश दिए हैं। मनाली में रांगड़ी के समीप बने कूड़े के पहाड़ का निरीक्षण करने के बाद शहरी विकास विभाग के निदेशक गोपाल चंद ने यह जानकारी दी।
पर्यटन नगरी मनाली सहित पूरे हिमाचल के शहरी इलाकों में कूड़े की डंपिंग साइटों को खाली करवाया जाएगा। वर्षों से एक जगह कूड़ा फेंकने से बने कूड़े के पहाड़ साफ किए जाएंगे। शहरी विकास विभाग ने प्रदेश की सभी नगर पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों को इसके निर्देश दिए हैं। मनाली में रांगड़ी के समीप बने कूड़े के पहाड़ का निरीक्षण करने के बाद शहरी विकास विभाग के निदेशक गोपाल चंद ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहरों में लगे कूड़े के ढेरों को साफ करना सरकार और विभाग की प्राथमिकता है।
विज्ञापन
हिमाचल के लगभग सभी शहरों में घर-घर कचरा उठाने की मुहिम शुरू की गई है। घरों से एकत्रित कचरे को गारवेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचाया जाता है। लेकिन, वर्षों ट्रीटमेंट प्लांटों में कचरे का सही तरीके से निष्पादन नहीं हो पाया। इससे जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। कई शहरों में अब कूड़े के पहाड़ बनने लगे हैं। पर्यटन नगरी मनाली का भी यही हाल है। यहां रांगड़ी के समीप व्यास नदी के तट पर कचरे का ढेर लग गया है। जो अब पहाड़ का रूप ले चुका है। हालांकि, नगर परिषद ने कचरे के इस ढेर का निष्पादन शुरू कर दिया है। गलने वाला और नहीं गलने वाला कचरा अलग-अलग किया जा रहा है।
शुक्रवार को शहरी विकास विभाग के निदेशक गोपाल चंद ने साइट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जहां निष्पादन की प्रक्रिया की जानकारी ली, वहीं जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के ढेर न लगें, इसके लिए सभी नगर परिषदों, नगर पंचायतों और नगर निगमों को निर्देश दिए गए हैं। घरों से उठाए जाने वाले कचरे का निष्पादन साथ-साथ करने को कहा गया है। इसके बाद उन्होंने शहरी क्षेत्र से रोजाना एकत्रित करने के बाद निष्पादित करने के लिए बने कूड़ा संयंत्र केंद्र का भी निरीक्षण किया।