दक्षिण के मुकाबले उत्तर भारत में पित्त की पथरी के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। इसका कारण बढ़ता मोटापा, लोगों का काम न करना और आरामदायक जीवन शैली है। लोग शारीरिक व्यायाम से दूर होते जा रहे हैं। हिमाचल में भी पित्त की पथरी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मैदानी क्षेत्रों के लोगों में पित्त की पथरी समस्या ज्यादा है।
जंक फूड भी इसका कारण बन रहा है। पित्त की पथरी की समस्या 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में सबसे ज्यादा पाई जा रही है। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भी एक दिन में पित्त की पथरी के पांच से छह और एक सप्ताह में करीब 25 मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। ऐसे मरीजों की बढ़ती संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑपरेशन के लिए छह-छह माह बाद तारीख मिल रही है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
लोगों में मोटापा बढ़ता जा रहा है। अधिकतर लोग शारीरिक कार्य नहीं कर पाते। इस कारण उनमें पित्त की पथरी पाई जा रही है। जंक फूड खाने से भी यह समस्या बढ़ती जा रही है। लोगों को शारीरिक व्यायाम अधिक करना चाहिए। घर का पका हुआ साफ सुथरा भोजन ग्रहण करें। मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करें। मैदान आदि में जाकर व्यायाम करें। हमीरपुर अस्पताल में एक दिन में पथरी के आधा दर्जन ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
- डॉ. लक्ष्मी अग्निहोत्री, एचओडी, शल्य चिकित्सा विभाग, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर