यमुनाघाट उत्सव में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत।
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हरि यमुना सहयोग समिति ने अक्षय तृतीया पर पांवटा साहिब में यमुनाघाट उत्सव 2023 का आयोजन किया। इसमें केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शिरकत की। उन्होंने यमुना नदी के किनारे गोविंद घाट के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यमुना नदी के किनारे गोविंद घाट के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण पर 65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए जल्द डीपीआर तैयार की जाएगी। कहा कि मां गंगा आज ही के दिन अवतरित हुईं। आज ही भगवान परशुराम का भी जन्मोत्सव है।
कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व में जल आंदोलन जन-जन का आंदोलन बन चुका है। जल ही हमारे जीवन का आधार भी है। पानी बचाने के लिए इस अभियान में आप सब भी सहयोग करें। गंगा साफ हो रही है। साथ ही सहायक नदियों में भी अभियान चला है। आने वाले समय में जब आबादी बढ़ेगी तो पानी की समस्या और गहरा सकती है। हमारे देश में चेरापूंजी है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती हैं। एक मेरा गांव है, जहां सबसे कम बारिश होती है। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यमुना पार्क का निरीक्षण किया और गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका।
नदी किनारे लगाए 9 हजार पेड़ : कोहली
हरि यमुना सहयोग समिति के अध्यक्ष प्रमोद कोहली ने कहा कि हरि यमुना सहयोग समिति की ओर से पिछले कुछ वर्षो से नदी किनारे और आसपास 9 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए गए हैं। पांवटा शहर से कचरे को एकत्रित किया है। जल संरक्षण के लिए अभियान चलाया है। यमुना घाट की सफाई करवाई है। वन विभाग के सहयोग से यमुना किनारे वन विहार पार्क बनाया है। समिति और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह काम पूरा हुआ है। यमुनाघाट के किनारे से 20 किलोमीटर दूर हरियाणा की सीमा क्लेसर तक का रास्ता बनाना है। यह प्रयागराज तक ले जाने की इच्छा है। इस मौके पर स्वामी संन्यासी संपूर्णानंद ने कहा कि हिमाचल देवभूमि है, अगर यमुना हिमाचल से ही गंदा होकर आगे निकले तो ये अच्छी बात नहीं है।
फ्लाइट मिस होने पर भी केंद्रीय मंत्री पांवटा पहुंचे : खन्ना
प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश रॉय खन्ना ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शनिवार को जोधपुर से पांवटा साहिब सड़क मार्ग से आए हैं। उन्होंने दिल्ली से देहरादून तक फ्लाइट से पहुंचना था, लेकिन समय पर नहीं पहुंचने के कारण फ्लाइट मिस हो गई। उन्होंने कहा कि जब यमुना और गंगा साफ होगी तो सरस्वती नदी भी दृश्य होगी। नदी को साफ करने में सभी को सहयोग करना चाहिए और 1100 किलोमीटर लंबी यमुना को साफ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।