अगर राजा को अपने राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखना है तो उसे राजनीति, धर्मनीति और कूटनीति में परिपूर्ण होना होगा। यह संदेश था पा-अरंवगवा कल्चरल क्लब मणीपुर के नाटक ‘स्वर्ण श्री’ का। सोलन स्थित मुरारी मार्केट में चल रहे फिलकोट फोरम की ओर से चल रही आल इंडिया डांस-ड्रामा प्रतियोगिता के पांचवें दिन नाटकों का मंचन हुआ।
‘स्वर्ण श्री’ नाटक में सम्राट बृहद्रथ जब पाटलीपुत्र का राजा बना तो सिंहासन पर बैठने से पहले प्रण लिया कि वह अपनी प्रजा की ठीक देखभाल करेगा। मगर वह अपने कर्तव्य को भूलकर अपने ग्रीक मित्र नायक तेलियस के साथ राज्य में मौज मस्ती का जीवन भोगने लगा।
अंत में तेलीयस का समाप्त कर वह अपनी प्रजा को सम्मान दिलाते हैं। नाटक डा. राम कुमार वर्मा ने लिखा था। इसके अतिरिक्त कविता थियेटर गुजरात की ओर से नाटक ‘पिपासा एक प्यास अधूरी सी’ प्रस्तुत किया गया। इसमें दिखाया गया कि इंसान जन्म के साथ ही कई रिश्तों में बंध जाता है।
योगेश मेहता की ओर से लिखित व चिराग मेहता द्वारा निर्देशित इस खूबसूरत प्रभावी प्रस्तुति में अपूर्व के रूप में पुनीत पुरोहित ने अभिनय किया। सायंकालीन सभा की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर ने की।
इससे पहले प्रात: काल सत्र में मनप्रीत कौर, जानवी चौथे, वी यामनी राव, रिचा चौधरी, सरनया बावा, सोना सिंह सभी नृत्य धाम भिलाई तथा स्वर्ण लक्ष्मी, ननया प्रधान, समीक्षा दीक्षित, ज्योति रम्या, प्रियदर्शनी समेत कई कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त निर्भय कला मंच की ओर से शिव तांडव भी किया गया।