क्रांति वृत्त पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने का मार्ग होता है। चंद्र का मार्ग यानी चंद्रमा जिस मार्ग से पृथ्वी की परिक्रमा करता है, उसे कहते हैं। ये पथ एक-दूसरे को उत्तर और दक्षिण में काटते हैं, जिन्हें राहु और केतु कहा गया है।
एक साल में कुल सात ग्रहण हो सकते हैं। सूर्य ग्रहण खग्रास, खंडग्रास और कंकणाकार तीन तरह से लग सकता है जबकि चंद्रग्रहण खग्रास और खंडग्रास रूप में दो प्रकार के ही होते हैं।
डॉ. मस्तराम शर्मा के अनुसार मेष को शारीरिक कष्ट, वृष को धन का आगमन, मिथुन को आर्थिक हानि, कर्क को दुर्घटना का भय, सिंह को आर्थिक हानि, कन्या को धनलाभ, तुला को सार्वजनिक सुख, वृश्चिक की प्रतिष्ठा दांव पर, धनु को शारीरिक कष्ट, मकर राशि में पति-पत्नी को कष्ट, कुंभ के लिए सर्वसुख और मीन राशि वालों को ग्रहण चिंतित करेगा।