यह बढ़ोतरी पहली अप्रैल से लागू होगी। मई में शहरवासियों को बढ़ी दरों पर अप्रैल के बिल जारी होंगे। घरेलू की तरह व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी 10 फीसदी ज्यादा शुल्क चुकाना होगा। निगम प्रशासन के अनुसार हर साल अप्रैल से शिमला शहर में कूड़ा शुल्क की दरों में दस फीसदी का इजाफा होता है। नगर निगम सदन के फैसले के अनुसार घरों से कूड़ा उठाने का काम करने वाले सैहब कर्मचारियों की तनख्वाह में हर साल दस फीसदी की बढ़ोतरी करने के लिए यह दरें बढ़ाई जाती हैं। शहर में नगर निगम की डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना से करीब 60 हजार लोग जुड़े हैं। इनमें 40 हजार ऐसे हैं जिन्हें हाउसहोल्ड यानि घरेलू दरों पर अब 117 रुपये का मासिक बिल जारी होगा। व्यावसायिक उपभोक्ताओं की 10 से ज्यादा श्रेणियां हैं जिनका बिल कूड़े की मात्रा के अनुसार 266 से लेकर पांच हजार रुपये तक है। इनमें भी अप्रैल से दस फीसदी की बढ़ोतरी लागू हो रही है।
प्राॅपर्टी टैक्स बढ़ोतरी से राहत
शहर में पहली अप्रैल के बाद नगर निगम भवन मालिकों को प्राॅपर्टी टैक्स के बिल जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू करने जा रहा है। इस बार लोगों को टैक्स बढ़ोतरी से राहत दी गई है। सदन के फैसले के अनुसार इस साल टैक्स में दस फीसदी की बढ़ोतरी होनी थी। लेकिन चुनावी साल को देखते हुए सरकार ने फिलहाल जनता को राहत दी है। अब पुरानी दरों पर ही बिल जारी किए जा रहे हैं। शिमला शहर में कुल 30 हजार भवन मालिकों से नगर निगम प्रापर्टी टैक्स वसूलता है।
वाहन पंजीकरण, सेस में अभी बढ़ोतरी नहीं
शहर में नए वाहनों के पंजीकरण पर एमसी शुल्क अभी लागू नहीं होगा। इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। इसी तरह बिजली और शराब सेस में बढ़ोतरी भी फिलहाल लागू नहीं हो रही। इस पर भी सरकार की मंजूरी का इंतजार है।