मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि ऐसी भी सूचना है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में वन और खनन माफिया के खिलाफ जब भी कार्रवाई की बात आई, विधायकों और नेताओं ने अफसरों को फोन पर चेतावनी दी कि इलाके में न वन और न ही खनन अधिकारी आने चाहिए। ऐसे में अफसर फील्ड में जाने के बजाय दफ्तरों में ही फाइल निपटाते रहे।
इस मामले को भी देखा जा रहा है।अवैध कटान के पुराने प्रकरणों और सिडार ऑयल प्रकरण की पुलिस और वन विभाग संयुक्त जांच कर रहे हैं। मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि वन माफिया जेल के पीछे होंगे। एक-एक का पर्दाफाश किया जाएगा।
चौपाल वन रेंज में पकड़े गए सिडार वुड ऑयल विदेशों में पहुंच रहा है। विदेशी मार्केट में यह तेल 1000 रुपये तक प्रति लीटर के हिसाब से बिकता है। इस तेल को दवाइयां बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अपर शिमला में पकड़े गए तेल के मामले में आरओ और डिप्टी रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।