उपमंडल शाहपुर के चड़ी गांव में आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे रत्न चंद उर्फ माधो राम का निधन हो गया। वर्ष 1916 में गांव चड़ी में जन्में स्वतंत्रता सेनानी रत्न चंद पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार को देर सायं पैतृक गांव में उनका निधन हो गया। शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में सरकार और प्रशासन की ओर से आला अधिकारी शामिल हुए।
शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी, पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया, एसडीएम जगन सिंह ठाकुर, डीएसपी सुनील राणा भी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। पुलिस और भारतीय सेना की 16वीं पंजाब बटालियन ने भी स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी। रत्न चंद के इकलौते बेटे अमरीक सिंह के अस्वस्थ होने के चलते उनके पोते साहिल ठाकुर ने मुखाग्नि दी। रत्न चंद ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में एक वीर सैनिक के तौर पर अपनी सेवाएं देकर स्वतंत्रता सेनानी का तमगा हासिल किया था।
इतना ही नहीं, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ रंगून की जेल में कैदी बनकर भी रहे थे। टोक्यो जाते वक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी फौज को डिस्मेंटल कर सभी सिपाहियों को अपनी-अपनी राह पर जाने का आदेश दिया था। बावजूद इसके देश की आजादी की लौ अपने दिल में लिए हुए कई देशों की यात्रा के बाद रत्न चंद स्वदेश तो लौटे, लेकिन तब तक देश की आजादी के लिए निस्वार्थ भाव से लड़ते रहे, जब तक देश आजाद नहीं हो गया।