स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने बताया कि आजादी की लड़ाई के दौरान बाल्यकाल में ही तत्कालीन कहलूर राजा आनंद चंद ने उन्हें बारह वर्ष का देश निकाला दिया था। उस दौरान छह माह कारावास की सजा भी झेली थी। बारह वर्ष तक वह घर नहीं आ सके थे।
देश आजाद होने के बाद वर्ष 1948 में वह भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हो गए। वर्ष 1962 में चीन, वर्ष 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्धों में भी हिस्सा लिया। उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति भारतीय सेना व भारत सरकार से भी उन्हें कई मेडल मिल चुके हैं। लेकिन 93 वर्ष की आयु में हुए अपमान को वह बर्दाश्त नहीं कर सकते।