लुहणू स्थित श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस कर्मियों ने बंदूकों से उन्हें सलामी दी। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चंद्र, एसडीएम सदर रामेश्वर दास और डीएसपी मुख्यालय राजकुमार भी मौजूद रहे ।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर के डियारा सेक्टर निवासी वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देवीराम शर्मा (98) का बुधवार रात को निधन हो गया। गुरुवार सुबह लुहणू स्थित श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस कर्मियों ने बंदूकों से उन्हें सलामी दी। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चंद्र, एसडीएम सदर रामेश्वर दास और डीएसपी मुख्यालय राजकुमार भी मौजूद रहे । देवीराम शर्मा का जन्म 2 दिसंबर, 1924 को हुआ था। उन्होंने देश की आजादी के लिए कई यातनाएं भी झेलीं। महज 18 साल की उम्र में प्रजामंडल आंदोलन में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में अहम भूमिका निभाई।
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रियासती पुलिस की ओर से यातनाएं दी गईं। दो साल के लिए कहलूर रियासत से जलावतन भी किए गए। उन्होंने अपने घर पर इंदिरा शांति मंदिर की स्थापना की थी। इसमें प्रतिवर्ष सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाता था। साल 2020 में देवीराम शर्मा को राष्ट्रपति की ओर से उपायुक्त बिलासपुर ने उनके निवास पर सम्मानित किया था। स्वाधीनता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य पर राज्यपाल ने शिमला में सम्मानित किया था। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देवीराम शर्मा की एक बेटी अंजू शर्मा हैं। देवीराम शर्मा के साथ अंतिम समय में बेटी अंजू, दामाद डॉ. रमेश कुमार नड्डा और पत्नी गीता शर्मा थीं।