टांडा मेडिकल कॉलेज में अब आंखों के कॉर्निया का ट्रांसप्लांट हो सकेगा। दुर्घटना या फिर अन्य कारणों से आंखों की रोशनी गंवाने वाले मरीजों को इसी हफ्ते सुविधा मिलने जा रही है। खास बात यह है कि निजी अस्पतालों में लाखों रुपये से होने वाला ट्रांसप्लांट यहां निशुल्क होगा। आई बैंक टांडा में अत्याधुनिक मशीनरी पहुंच गई है।
यह सुविधा टांडा मेडिकल कालेज अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत मिलेगी। इंडियन मेडिकल काउंसिल की टीम इसी सप्ताह टीएमसी का दौरा करेगी और आईबैंक की शुरुआत करेगी। इसके बाद टीएमसी में आंखों का ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। आंख का कॉर्निया खराब होने पर पहले मरीज परेशान होता रहता था।
उसे पीजीआई या निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना पड़ता था। बता दें कि कॉर्निया के हिमाचल में हजारों मरीज हैं। इनमें कुछेक मरीज आंखों की रोशनी खो चुके हैं जबकि कुछ की नजर बहुत कमजोर हो चुकी है। टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल अनिल चौहान ने जल्द ही यहां आई ट्रांसप्लांट होगा।
क्या है कॉर्निया
कॉर्निया आंख का काला हिस्सा होता है। इसके खराब होने से व्यक्ति देख नहीं पाता है। अकसर दुर्घटनाओं में आंख का कॉर्निया खराब हो जाता है।