इन दोनों ही मामलों में शिकायतकर्ताओं ने 29 ट्रांजेक्शन के माध्यम से शातिरों के अलग-अलग खातों में राशि जमा करवाई है। योल निवासी एक व्यक्ति को शातिर ठगों ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से 53.50 लाख रुपये की चपत लगाई है। ऑनलाइन ट्रेडिंग का कार्य करने वाले व्यक्ति को शातिरों ने अपने झांसे में फंसाया और इंस्टीट्यूशनल अकाउंट के नाम पर फर्जी वेबसाइट बना दी। इसमें व्यक्ति ऑनलाइन ट्रेडिंग करते हुए पैसे जमा करवाता रहा और शातिर उसे ठगते रहे।
ट्रेडिंग की राशि व्यक्ति के खाते में जाती दिखे, इसके लिए उसकी फर्जी वेबसाइट बना दी गई। इस पर व्यक्ति ने ठगों पर विश्वास कर लिया और करीब 21 ट्रांजेक्शन के माध्यम से शातिरों के खातों में 53.50 लाख रुपये की राशि जमा करवा दी। ठगी का एहसास होने पर व्यक्ति ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवा दी है।
वहीं, दूसरे मामले में धर्मशाला के समीप सिद्धबाड़ी के रहने वाले एक व्यक्ति से 8,22,250 रुपये की ठगी हुई है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के चक्कर में व्यक्ति ठगों के जाल में फंस गया। ठगों ने उसे अच्छी कमाई का प्रलोभन दिया, जिसके चलते व्यक्ति ने आठ ट्रांजेक्शन के माध्यम से ठगों के खाते में यह राशि जमा करवाई, लेकिन जब ट्रेडिंग के माध्यम से पैसे नहीं आए तो पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर थाना में दर्ज करवाई।
योल और सिद्धबाड़ी के दो लोगों से हुई ठगी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने आम जनता से साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ज्यादा पैसा पाने के चक्कर में साइबर ठगों के झांसे में न आएं। - प्रवीन धीमान, एएसपी, साइबर पुलिस थाना धर्मशाला