पिछले कुछ समय में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे 10 से ज्यादा मामले पहुंचे हैं, जिनमें फर्जी वेबसाइट और क्रिप्टो करेंसी के जरिये एक वर्ष में पैसे को दोगुना करने का झांसा दिया गया।
शातिर अपराधियों ने अब हिमाचल के लोगों को क्रिप्टो करेंसी के नाम पर भी ठगना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ समय में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे 10 से ज्यादा मामले पहुंचे हैं, जिनमें फर्जी वेबसाइट और क्रिप्टो करेंसी के जरिये एक वर्ष में पैसे को दोगुना करने का झांसा दिया गया। साइबर पुलिस की मानें तो यह एक चेन सिस्टम प्लान होता है। इसमें जुड़ने वाले लोग अपने रिश्तेदारों और अपने परिचितों से भी उसमें पैसा इंवेस्ट करवा देते हैं। बाद में यह लोग पैसे लेकर भाग जाते हैं। साइबर पुलिस के अनुसार ज्यादातर मामलों में लोग खुद ही ठगी की वजह बन रहे हैं।
विज्ञापन
साइबर ठग व्यक्तियों को अच्छे रिटर्न और पैसा डबल करने का लालच देते हैं और लोग खुद ही अपना पैसा ठगों को हस्तांतरित कर देते हैं। कई महीनों बाद जब उन्हें ठगी का अहसास होता है। साइबर पुलिस के पुलिस अधीक्षक (कार्यकारी) भूपिंद्र नेगी ने कहा कि ठग लोगों को अपने झांसे में लेने के लिए पहले फेसबुक पर दोस्त बनाते हैं और कुछ समय तक अच्छी बातचीत करने के उपरांत पैसा डबल करने का लालच देते हैं। किसी एप्लीकेशन या वेबसाइट पर अच्छी रिटर्न मिलेगी यह बताकर उस एप्लीकेशन में पैसा लगवाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।