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30 करोड़ से ज्यादा का गोलमाल कर गई कंपनी, छह महीने में फैलाया नेटवर्क

Thu, 06 Sep 2018 10:22 AM IST
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, ऊना/नंगल
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एसएमएस भेजो और पैसा कमाओ का स्लोगन लेकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटकर फरार हुई कंपनी के नुमाइंदे भूमिगत हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो कंपनी ने छह माह के भीतर ही पूरे प्रदेश में नेटवर्क फैला लिया था। करीब 30 करोड़ से ऊपर की राशि का गोलमाल कर कंपनी सुनियोजित तरीके से गायब हो गई।

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एसएमएस ठगी के मामले से नंगल में भी हड़कंप मचा हुआ है। नंगल सहित उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आईएएस इंडिया ने ‘एसएमएस भेजो, पैसा कमाओ’ के नाम से कई शाखाएं खोली थीं। कंपनी की ठगी का शिकार शहर के अलावा गांव के लोग भी हुए हैं।

पहले कंपनी ने अपने हर सदस्य से एक हजार रुपये वसूले। उसे एक आईडी दी। बताया गया कि मोबाइल एप के जरिये प्रतिदिन सौ मेसेज भेजने हैं। उसके बदले पांच हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। कंपनी का यह धंधा चल निकला।
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काफी लोगों को पांच हजार प्रतिमाह मिले भी। धंधा चलता देख कंपनी ने सदस्यता फीस बढ़ाकर तीन हजार कर दी। लालच में आए लोग कंपनी के सदस्य बनते गए। एक-एक व्यक्ति ने लाखों रुपयों की आईडी अपने और परिवार के नाम से ले ली। अब कंपनी के फुर्र हो जाने से लोगों में हड़कंप मच गया है।

कंपनी के नुमाइंदे भूमिगत, एजेंटों को लोगों से मिल रही हैं जान से मारने की धमकियां

पुलिस की प्रारंभिक जांच में 70 हजार ऐसी आईडी सामने आई हैं, जिनकी कंपनी की ओर से बाकायदा रसीदें काटी गईं। बिना रसीद के एजेंटों के माध्यम से कंपनी में कई करोड़ लोगों ने अतिरिक्त लगाए हैं। यह गोलमाल तीस करोड़ से ऊपर का बताया जा रहा है। ऐसे कई एजेंट हैं, जिन्होंने न्यूनतम 15 से 30 लाख तक कंपनी में बतौर फ्रेंचाइजी निवेश किया था।

इसमें अधिकतर लोगों का व्यक्तिगत पैसा लगा है। कंपनी के फरार होने के बाद अब एजेंटों को लोगों से धमकी भरे फोन आने लगे हैं। कुछ एजेंट पुलिस की शरण में पहुंच गए हैं। ऊना के एक एजेंट ने पुलिस अधीक्षक को सौंपी शिकायत में बताया कि उसने कंपनी में 14 लाख 30 हजार 750 रुपये का निवेश किया था। इसमें अधिकांश पैसा लोगों का है। एजेंट कुलदीप चंद ने कंपनी के तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बताया कि उसे फोन पर जान से मारने की धमकी के अलावा गालीगलौज किया जा रहा है। 

कंपनी ने ऊना के अलावा प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कार्यालय खोले थे। सूत्र बताते हैं कि कंपनी ने पहले एजेंट बनाए और फिर ग्राहक फंसाए। पहले-पहल लोगों को आईडी पर एसएमएस के बदले पैसे भी दिए गए, जिससे कंपनी का नेटवर्क रातोंरात बढ़ता गया। उधर, एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि लोगों की शिकायतें आ रही हैं। पुलिस अपने स्तर पर कथित फर्जीवाड़े की जांच कर रही है।
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एसएमएस फर्जीवाड़े की जांच को एसआईटी गठित

एसएमएस कंपनी आईएएस के कथित फर्जीवाड़े की जांच को पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है। बुधवार को एसपी दिवाकर शर्मा के आदेश पर इस हाई प्रोफाइल ठगी मामले की जांच को एसआई कमलनयन की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई। मामले में पुलिस ने बीते दिन आईपीसी 420 के तहत मामला दर्ज किया है।

बीते मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने ऊना स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय में हंगामा किया था, जब उन्हें पता चला कि कंपनी के नुमाइंदे रातोंरात गायब हो गए हैं। कंपनी में कार्यरत कर्मचारी पुलिस के संरक्षण में थाने पहुंचाए गए। लोगों ने कंपनी के कार्यालय में रखा सामान उठा लिया।

कोई कंप्यूटर ले गया तो कोई टेबल और कुर्सियां। ठगी का शिकार लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने दोपहर बाद पुराने बस अड्डे के पास हाईवे पर जाम लगा दिया। उक्त कंपनी ने प्रति तीन हजार रुपये में प्रदेश भर में एजेंटों के माध्यम से 75 हजार से अधिक आईडी वितरित की थीं।

इनसे करोड़ों का मुनाफा कमाया। उधर, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है। कहा कि मामले की सख्ती से जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से किसी तरह के प्रलोभन में न आने का भी आग्रह किया है।
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