बताया जा रहा है कि बच्ची इससे पहले भी ऐसे ही पानी लेने के लिए अकेले जाया करती थी।
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हिमाचल के जिला सोलन के कृष्णगढ़ उपतहसील के गांव जतौण में एक चार वर्षीय बच्ची की पैर फिसलने से बावड़ी में डूबकर मौत हो गई। चार वर्षीय मासूम अपने घर के लिए पीने का पानी लेने बावड़ी तक अकेली ही पहुंच गई थी।
परिजनों की ओर से बच्ची को पट्टा पीएचसी में उपचार के लिए पहुंचाया गया लेकिन तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी। नायब तहसीलदार गोविंद सिंह बाली ने पीड़ित परिवार के घर का दौरा कर उन्हें पांच हजार रुपये फौरी राहत दी।
जानकारी के मुताबिक गोयला पंचायत के जतौण गांव की चार वर्षीय चांदनी पुत्री शेर सिंह सोमवार को करीब 11.15 बजे घर से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थिति बाबड़ी की ओर बर्तन लेकर अकेले ही निकल पड़ी।
बताया जा रहा है कि बच्ची इससे पहले भी ऐसे ही पानी लेने के लिए अकेले जाया करती थी। सोमवार को भी बच्ची जब बावड़ी के पास पानी भरने पहुंची तो अचानक उसका पैर फिसल गया। इस कारण बच्ची बावड़ी में जा गिरी।
इस दौरान किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी। परिवार के लोगों को जब काफी समय तक बच्ची के न आने का एहसास हुआ तो वह बावड़ी की ओर भागे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजनों ने बच्ची को 15 किलोमीटर दूर पटटा पीएचसी में पहुंचाया।
लेकिन तब बच्ची दम तोड़ चुकी थी। पीएचसी में डाक्टर आशीष ने चेकअप के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पूरे क्षेत्र में इस घटना से मातम छाया हुआ है। नायब तहसीलदार कृष्णगढ़ गोविंद सिंह बाली ने बताया कि बच्ची के परिजनों को पांच हजार की प्रशासनिक मदद दी है।