एसएमसी शिक्षकों का क्रमिक अनशन।
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब चार हजार एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों के भी तबादले हो सकेंगे। सरकार दोनों श्रेणियों के शिक्षकों के तबादलों के लिए नीति बनाने में जुट गई है। कई सालों से प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में ये शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो बजट भाषण में मुख्यमंत्री घोषणा कर सकते हैं। एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों की मांगों को हल करने के लिए सरकार ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया है।
कमेटी में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी शामिल हैं। कमेटी की बीते दिनों एक बैठक हो चुकी है। जल्द ही दूसरी बैठक कर कमेटी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। विभाग अधिकारियों के अनुसार शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों पर मंथन किया जा रहा है।
विधि विभाग से भी ली जा रही राय
विधि विभाग से भी चर्चा जारी है। प्रक्रिया को पूरा करने में अगर समय अधिक लगता है तो जल्द शिक्षकों के तबादलों को लेकर सरकार फैसला ले सकती है। एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों को प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में नियुक्तियां दी गई हैं, जहां नियमित शिक्षक जाने से गुरेज करते थे। ऐसे में कुछ शिक्षक आज भी अपने घरों से कई किलोमीटर दूर ही सेवाएं देने को मजबूर हैं।